ANAL FISSURE IN HINDI / गुदा विदर हिंदी में

ANAL FISSURE

नमस्कार दोस्तों ! आज हम बात करेंगे ANAL FISSURE IN HINDI के बारे में। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में ANAL FISSURE एक आम समस्या होने लगी हैं। यह एक बहुत ही तकलीफदायक और दर्दनाक बीमारी हैं।

यह स्थिति बच्चों से लेकर वृद्धावस्था के लोगों तक किसी को भी हो सकती है और इसमें गुदा में छोटी आकार की दरारें पैदा हो जाती  हैं, जो गुदा के आस-पास की त्वचा के फटने के कारण होती हैं।

2021 में Researchgate द्वारा किये गए सर्वे के अनुसार भारत में लगभग 18 % जनता Anal Fissure की समस्या से ग्रस्त हैं।

ANAL FISSURE IN HINDI

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गुदा विदर (Anal fissure):- ANAL FISSURE IN HINDI

गुदा विदर (Anal fissure) गुदा की परत (वह द्वार जिसके माध्यम से मल शरीर से बाहर निकलता है) में एक कट, दरार, फटना या खुला घाव हो जाता है जो गुदा में ऊपर की ओर फैलता है।

यह दरारें या घाव  आमतौर पर गुदा के आस-पास के भाग में पाई जाती है जो गुदा की त्वचा के ज्यादा कठोर होने के कारण या उस पर ज्यादा दबाव पड़ने के कारण होती हैं।

यह स्थिति अगर लम्बे समय तक बनी रहती है तो तकलीफदेह हो सकती है और उपचार की आवश्यकता होती है।

लक्षणों में मल त्याग के दौरान और बाद में रक्तस्राव, जलन और दर्द शामिल हैं। गुदा विदर के विभिन्न कारणों में कब्ज, दीर्घकालिक दस्त, गर्भावस्था, प्रसव, या कभी-कभी एक अंतर्निहित चिकित्सा स्थिति शामिल है।

खान-पान और जीवनशैली की आदतों में बदलाव करके गुदा विदर को रोका जा सकता है। फलियाँ, सब्जियाँ, फल और साबुत अनाज सहित उच्च फाइबर वाला आहार लें। अपने आप को अच्छी तरह से हाइड्रेटेड रखें, शराब और कैफीन का सेवन सीमित करें, सक्रिय रहें और व्यायाम करें, और मल त्यागने की इच्छा को रोकने से बचें।

उपचार गंभीरता पर निर्भर करता है; ज्यादातर मामलों में, गुदा दरारें अपने आप ठीक हो जाती हैं। रोगसूचक राहत प्रदान करने के लिए, डॉक्टर क्रीम और दवाओं दोनों का उपयोग कर सकता हैं। जिन लोगों में यह समस्या गंभीर हो जाती हैं, उनमें सर्जरी पर विचार किया जा सकता है।

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गुदा विदर के प्रकार (Types of anal fissure)- ANAL FISSURE IN HINDI

गुदा द्वार की दरारों को उनके कारणों के आधार पर दो प्रकार से वर्गीकृत किया गया है। वे हैं:-

प्राथमिक विदर (Primary fissure):-ANAL FISSURE IN HINDI

प्राथमिक विदर खतरनाक नहीं है, इसमें गुदा द्वार में छोटी छोटी दरारें होती हैं और छह सप्ताह के भीतर ठीक हो जाता है। यह आमतौर पर कब्ज (Constipation), लंबे समय तक दस्त (Prolonged diarrhea) या गुदा मैथुन (Anal Sex) के कारण होता है।

माध्यमिक विदर (Secondary Fissure):-ANAL FISSURE IN HINDI

इस प्रकार के विदर को Chronic Anal Fissure के रूप में भी जाना जाता है, जिसमें अधिक गहरा चीरा या कट होता है और इसमें आंतरिक या बाहरी ऊतक वृद्धि जैसे घाव हो सकते हैं। यह Anal Fissure आठ सप्ताह से अधिक समय तक रहता है और यदि ठीक से इलाज न किया जाए तो यह दोबारा भी हो सकता है। ये दरारें अक्सर गुदा में पूर्व सर्जरी वाले मरीजों, सूजन आंत्र रोग (Inflammatory Bowel Disease) या कोलन कैंसर (Colon Cancer) वाले मरीजों में देखी जाती हैं।

Anal Fissure के लक्षण (Symptoms of Anal Fissure):- ANAL FISSURE IN HINDI

मल त्यागते समय गुदा में दर्द होना

मल त्यागने के बाद हाथ धोते समय  खून दिखना

मल त्यागने के बाद जलन के साथ तेज दर्द होना

गुदा के मुहाने पर गांठ महसूस होना

मल त्यागने के बाद के बाद लम्बे समय तक गुदा द्वार में दर्द रहना

पेशाब करते समय परेशानी होना या पेशाब करने में दर्द होना

गुदा विदर के कारण (Causes Of Anal Fissures):- ANAL FISSURE IN HINDI

लंबे समय तक कब्ज़ रहना :-ANAL FISSURE IN HINDI

लंबे समय तक कब्ज़ रहने के कारण  मल ज्यादा कठोर, सूखा और गांठदार आता हैं। जिसके करण गुदा की दीवारों पर अत्यधिक दबाव पड़ता हैं। जिससे माँसपेसिओ में दरार आ जाती हैं और वे फट जाती हैं और खून भी आने लगता हैं। माँसपेसिओ के फटने के कारण दर्द होने लगता हैं। कब्ज़ Anal Fissure होने का सबसे बड़ा कारण होता हैं।

दीर्घकालिक दस्त (Persistent Diarrhea):-ANAL FISSURE IN HINDI

‘Persistent Diarrhea’ भी Anal Fissure का मुख्य कारण हो सकता है। यह विशेषकर उन व्यक्तियों में हो सकता है जो लंबे समय तक डायरिया से पीड़ित होते हैं या जिन्हें अचानक बार-बार दस्त लग जाता है।

बार-बार दस्त भोजन और पानी के साफ़ ना होने के कारण लगते हैं।  दीर्घकालिक दस्त के कारण व्यक्ति बार-बार शरीर से पानी खो देता है । इससे गुदा क्षेत्र की त्वचा और मांसपेशियों में सूजन हो सकती है। जिसके कारण Anal Fissure हो सकता हैं।

पानी की कमी के कारण हमारा मल सख्त होने लगता हैं। जिससे मल त्यागते वक्त ज्यादा जोर लगाना पड़ता हैं। जिसके कारण गुदा द्वार की मांसपेशिया फटने लगती हैं और Anal Fissure होता हैं।

दीर्घकालिक दस्त के कारण त्वचा में सूजन हो सकती है। जिससे गुदा द्वार की त्वचा और मांसपेशियों में दर्द और दरारें पैदा हो सकती है।

गर्भावस्था और प्रसव के कारण :-ANAL FISSURE IN HINDI

गर्भावस्था और प्रसव के कारण भी ANAL FISSURE हो सकता हैं। प्रसव के समय, महिला का शरीर अद्भुत प्रक्रिया से गुजरता है और गर्भाशय का विस्तार होने के कारण दबाव बनता है। इस दबाव के कारण गुदामार्ग क्षेत्र में दरारें उत्पन्न होने की संभावना बढ़ जाती है।

प्रसव के दौरान होने वाले दबाव के कारण गुदामार्ग क्षेत्र में सूजन हो सकता है, जिससे ANAL FISSURE होने की संभावना बढ़ जाती है।

गर्भावस्था में हार्मोनल परिवर्तनों और विकसित गर्भ के कारण कई महिलाएं कब्ज से पीड़ित हो सकती हैं, जिससे गुदामार्ग क्षेत्र में दबाव बनता है।

कुछ बीमारियां भी ANAL FISSURE का कारण बन सकती हैं जैसे IBD, एक लम्बे समय तक IBD से ग्रस्त रोगियों में ANAL FISSURE की सम्भावना अधिक होती हैं NIH के अनुसार पेरिअनल रोग (Perianal disease) सूजन आंत्र रोग (आईबीडी) की एक आम जटिलता है।

Risk factors Of Anal fissure- ANAL FISSURE IN HINDI

कब्ज़ (constipation): -ANAL FISSURE IN HINDI

यह एक ऐसी स्थिति है जिसके कारण बड़े, कठोर और सूखे मल को त्यागना मुश्किल या दर्दनाक होता है।कब्ज़ के कारण मल में गांठें बन जाती हैं और  मल त्याग के दौरान कब्ज के कारण गुदा क्षेत्र में घाव या दरारें पैदा होने की संभावना अधिक होती है।

गंभीर दस्त (severe diarrhea): -ANAL FISSURE IN HINDI

लम्बे समय तक दस्त रहने के कारण शरीर में पानी की कमी हो जाती हैं जिससे हमारी त्वचा सूखने लगती हैं  त्वचा सूखने से गुदा द्वार में दबाव के कारण दरारें भी पड़ सकती हैं, और वह फट जाती हैं।

चूंकि गुदा द्वार  की त्वचा बहुत संवेदनशील होती है, लंबे समय तक दस्त से गुदा में दरार हो सकती है, जिससे मल त्यागते समय  गंभीर दर्द और जलन पैदा  हो सकती है।

गर्भावस्था और प्रसव (pregnancy and childbirth) :-ANAL FISSURE IN HINDI

गर्भवती महिलाओं में गर्भावस्था के अंत में गुदा विदर (Anal Fissure)  विकसित होने की ज्यादा सम्भावना होती है। बच्चे के जन्म के दौरान गुदा क्षेत्र में दबाव पड़ता हैं जिसके कारण गुदा द्वार की मांसपेशिया फट सकती है।

मांसपेशियों की ऐंठन (Muscle spasms):-ANAL FISSURE IN HINDI

मांसपेशिओं मे ऐंठन भी anal fissure का एक कारण हो सकती हैं। गुदा द्वार की मांसपेशियों में ऐंठन के कारण मल त्याग के दौरान गुदा की अंदरूनी परत फट सकती है। जिससे क्रोनिक एनल फिशर (Chronic Anal Fissure) का विकास हो सकता है।

गुदा मैथुन (Anal intercourse): -ANAL FISSURE IN HINDI

गुदा द्वार या ऊतक पर कोई भी आघात गुदा विदर(Anal Fissure)  का कारण बन सकता है। कठोर गुदा मैथुन (Anal Sex or Intercourse) के दौरान गुदा विदर (Anal Fissure) विकसित होने का खतरा सबसे ज्यादा होता है।

गुदा विदर का निदान (Diagnosis of anal fissure):- ANAL FISSURE IN HINDI

मामूली गुदा द्वार की दरारें अधिक समस्याएँ पैदा नहीं करतीं और अपने आप ठीक भी हो जाती हैं। हालाँकि, पुराने और गंभीर मामलों पर ध्यान देने की आवश्यकता हो सकती है। कारण को जानने से बीमारी का इलाज करने में  मदद मिल सकती है। कारण जानने के लिये निम्नलिखित जानना जरूरी हैं :-

  1. चिकित्सा इतिहास (Medical History)-ANAL FISSURE IN HINDI

डॉक्टर रोगी के लक्षणों, खान-पान की आदतों, शौचालय की आदतों से उसकी जीवनशेली के बारे में जान सकता हैं जिसके कारण उसे ये बीमारी हुई हैं और अतीत या वर्तमान में  स्वास्थ्य स्थितियों के लिए ली गई दवाओं का विस्तृत चिकित्सा इतिहास के बारे में सारी information लेता हैं।

  1. शारीरिक परीक्षण (Physical examination):-ANAL FISSURE IN HINDI

इसमें नितंबों को धीरे से अलग करके गुदा क्षेत्र का निरीक्षण करता है। यदि नितंबों को अलग करने से गुदा द्वार की दरार का पता नहीं चलता है, तो अधिक जोरदार मलाशय परीक्षण (Rectal Examination) की आवश्यकता हो सकती है। यह परिक्षण  गुदा में एक topical anesthetic लगाने के बाद किया जाता है। दर्द के स्रोत का पता लगाने के लिए रुई की नोक वाले फाहे को धीरे से गुदा में डाला जा सकता है।

  1. कोलोनोस्कोपी या सिग्मायोडोस्कोपी (Colonoscopy or sigmoidoscopy)-ANAL FISSURE IN HINDI

यदि मलाशय से खून आ रहा है, तो गुदा और मलाशय की अधिक गंभीर बीमारी जैसे कि कोलन कैंसर(Colon Cancer) की संभावना को जानने के लिए एक एंडोस्कोपिक मूल्यांकन (endoscopic evaluation) की आवश्यकता होती  है। जिसके लिये एक छोटा, लचीला ट्यूबलर उपकरण गुदा में डाला जाता है।

FREQUANTLY ASKED QUESTIONS- ANAL FISSURE IN HINDI

Q . डॉक्टर को कब दिखाना चाहिये ?

Ans . ज्यादातर मामलों में, गुदा विदर(Anal Fissure)  अपने आप ठीक हो सकता है। परन्तु अगर ये ज्यादा दिन तक रह जाता हैं तो समस्या पैदा कर सकता हैं और गंभीर बीमारी का रूप ले सकता हैं इसलिए अगर आपको निचे लिखी कोई भी समस्या अनुभव हो तो आपको डॉक्टर को जरूर दिखा लेना चाहिये जैसे

पुराना कब्ज (Chronic Constipation)

मल त्यागते समय तेज दर्द होना या जलन होना

मल के साथ खून आना

Q. गुदा विदर के निदान के लिये किन डॉक्टर्स को दिखा सकते हैं ?

Ans.  डॉक्टर/विशेषज्ञ जो गुदा विदर के निदान और उपचार में मदद कर सकते हैं:

सामान्य चिकित्सक (General Practitioner)

गैस्ट्रोएंट्रोलोजिस्ट (Gastroenterologist)

प्रोक्टोलॉजिस्ट (Proctologist)

बाल रोग विशेषज्ञ (Pediatrician) (बच्चों के मामले में)

Q . ANAL FISSURE का दर्द कैसा महसूस होता है?

Ans. आम तौर पर, यह तेज दर्द या टूटे हुए शीशे के गुजरने जैसा महसूस होता है। गुदा विदर के लक्षणों में जलन, फटने या कभी-कभी खुजली की अनुभूति होती है, और आमतौर पर मल त्याग के दौरान और बाद में थोड़ी मात्रा में रक्तस्राव भी होता है।

Q.  गुदा द्वार की दरार को स्थायी रूप से कैसे ठीक कर सकते हैं?

Ans. पुराने गुदा विदर (Anal Fisssure) के लिए एकमात्र स्थायी उपचार सर्जरी (Surgery) ही  है जिसे lateral internal sphincterotomy (LIS) कहा जाता है, जिसमें गुदा द्वार के दबाव और ऐंठन को कम करने के लिये मांसपेशियों में एक छोटा चीरा लगाया जाता हैं जिससे दबाव और ऐंठन कम होने लगती हैं।

Q. मुझे कैसे पता चलेगा कि मेरी गुदा द्वार की दरार ठीक हो रही है?

Ans. जब यह कट वापस भरने लगता है तो दर्द और परेशानी दूर होने लगती है, जो दरार ठीक होने का संकेत है। अधिकांश गुदा दरारें घरेलू उपचार से ठीक हो जाती हैं, जबकि कुछ दीर्घकालिक गुदा दरारें शल्य चिकित्सा (Surgery) के बाद ठीक हो जाती हैं।

धन्यवाद

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