Gardan Ka Dard: 3 लक्षण और 4 कारण / Neck Pain: Symptoms, Causes and Awesome Solutions

Gardan ka dard

Gardan Ka Dard

Gardan ka Dard नमस्कार दोस्तों! आज हम बात करेंगे “Gardan ka Dard” के बारे में गर्दन में दर्द क्यूँ होता हैं ? गर्दन दर्द के लक्षण और कारण क्या-क्या हो सकते हैं ?

आजकल “Gardan ka Dard” एक बहुत ही सामान्य बीमारी बन चूका हैं। अगर हमारी गर्दन में दर्द हो जाए तो गर्दन को  घुमाना भी भारी पड़ता है। गर्दन में दर्द (Gardan ka Dard)की वजह से सोना, उठना,लेटना और बैठना भी दुष्वार हो जाता है।

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यह दर्द गर्दन के किसी भी हिस्से में हो सकता है, जैसे मांसपेशियां, नस, जोड़ और हड्डियों के बीच की डिस्क आदि । गर्दन में दर्द की वजह से कई बार गर्दन में अकड़न तक आ जाती है। और इस कारण गर्दन को दाएं-बायें या ऊपर-नीचे हिलाना भी बहुत मुश्किल और दर्दनाक हो जाता हैं।

गर्दन का दर्द क्या है? Gardan ka dard kya hain?

आपकी गर्दन Vertebrae  से बनी होती है जो खोपड़ी को हमारे धड़ से जोड़ती है। हमारी गर्दन में सर्वाइकल डिस्क होती हैं जो हड्डियों के बीच में पैदा होने वाले झटकों को सोख लेती है।

गर्दन की हड्डियाँ और मांसपेशियां हमारे सिर को सहारा देती हैं और हिलने डुलने में सहायता करती हैं। कोई भी हलकी सी भी चोट गर्दन में दर्द या जकड़न का कारण बन सकती है।

हमें कभी-कभी गर्दन में दर्द या अकड़न महसूस होती हैं  जो हमारी गर्दन की खराब मुद्रा(position)  या गलत तरीक़े से सोने से होता है। कभी-कभी, गर्दन का दर्द गिरने या चोट लगने से भी हो सकता है।

अधिकतर मामलों में, गर्दन का दर्द Gardan ka dard कोई गंभीर बीमारी नहीं होती है और कुछ दिनों के साधारण प्रयासों से इसे दूर किया जा सकता है।

लेकिन कुछ मामलों में, गर्दन का दर्द गंभीर चोट या बीमारी का कारण बन सकता है और इसके लिए आपको डॉक्टरी देखभाल की आवश्यकता होती है।

यदि आपको गर्दन में दर्द एक सप्ताह से अधिक समय तक बना रहता है तो आपको तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिये ।

गर्दन दर्द के लक्षण Gardan ka dard ke lakshan

Neck Pain (गर्दन दर्द) के लक्षण गंभीरता और समय के अनुसार अलग़-अलग़ हो सकते हैं।

अक्सर, गर्दन का दर्द तेज़ और अचानक होता है और केवल कुछ दिनों तक रहता है।

दूसरी बार, गर्दन दर्द पुराना हो सकता है। यह गंभीर हो सकता है और विकलांगता का कारण बन सकता है

कई बार आपकी गर्दन का दर्द हल्का हो सकता है और यह आपको ज्यादा प्रभावित भी नहीं करता हैं आपकी दैनिक गतिविधियों या जीवन सूचारू रूप से चलता रहता हैं ।

गर्दन दर्द के लक्षण हो सकते हैं:-Gardan ka dard

1. गर्दन में अकड़न(Stiff Neck):

लोग अक्सर ऐसा महसूस करते हैं जैसे उनकी गर्दन “अटक गई” हो। कई बार अचानक कोई झटका लगने या एक करवट सोने के कारण भी हमारी गर्दन अटक जाती हैं और हमें गर्दन को दायें-बायें और ऊपर-नीचे करने में बहुत दर्द का एहसास होता हैं।

2. तेज दर्द(Sharp Pain):- Gardan Ka dard

इसमें  गर्दन का तेज दर्द होता है जो गर्दन के एक विशेष भाग में होता है। यह दर्द भी कोई अचानक झटका लगने या चोट लगने के कारण होता हैं।

यह तेज दर्द आगे झुककर चलने या तेज चलने से भी बढ़ सकता हैं।

3. विकिरण दर्द या सुन्नता( Radiating pain or numbness):-

कभी कभी आपकी गर्दन का दर्द आपके सिर, धड़, कंधे और बाहों तक फैल जाता है। और इन सभी हिस्सों में सुन्नता पैदा कर सकता हैं।

कई बार हम गर्दन के दर्द को गम्भीरता से नहीं लेते हैं और यह बढ़ जाता हैं। गर्दन में चोट के कारण तेज़ दर्द होता हैं और यह कई दिनों तक बना रह सकता हैं।

कई बार चोट के कारण गर्दन की नसों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता हैं या नस दब जाती हैं।

नस के दबने से होने वाला दर्द बहुत ही तेज़ होता हैं और एक जलन सी महसूस होती है। यह  गर्दन से शुरू होकर हाथ में फ़ैल जाता है।

इस दर्द के लक्षण का अनुभव होने पर डॉक्टर से जरूर मिलना चाहिये । कयोंकि यह दर्द हमारे हाथ में कमज़ोरी या सुन्नता पैदा कर सकता हैं।

गर्दन में दर्द के कई कारण हो सकते है।Gardan ka dard ke karan 

 

मांसपेशियों में तनाव और खिंचाव(Muscle tension and strain)

गर्दन में दर्द कई बार मांसपेशियों में तनाव और खिंचावके कारण भी हो सकता हैं  जैसे:-

ख़राब मुद्रा(poor posture):-Gardan ka dard ke karan

बिना पोजीशन बदले घंटो तक computer पर काम करने से हमारी गर्दन की माँसपेसिओ में खिंचाव आ जाता हैं जिससे गर्दन में दर्द रहने लगता हैं।

गलत स्थिति में सोना या एक करवट सोने से भी गर्दन में खिंचाव आ जाता हैं और दर्द हो जाता हैं।

व्यायाम के दौरान गर्दन में कोई झटका लगने के कारण भी गर्दन में दर्द रहने लगता हैं।

चोट(Injury):-

चोट लगना भी गर्दन में दर्द का एक मुख्य कारण हो सकता हैं। यह चोट विशेष रूप से गिरने, कार दुर्घटनाओं और खेल में किसी भी रूप में हो सकती हैं।

ज्यादा चोट के कारण गर्दन की मांसपेशिया और स्नायुबंधन(Ligaments) में खिंचाव आ जाता हैं और गर्दन में तेज़ दर्द रहने लगता हैं।

यदि गर्दन की हड्डियां (सरवाइकल वर्टिब्रा) टूट जाती हैं, तो रीढ़ की हड्डी भी क्षतिग्रस्त हो सकती है। सिर के अचानक झटके से गर्दन की चोट को आमतौर पर व्हिपलैश(Whiplash) कहा जाता है।

मस्तिष्कावरण शोथ(Meningitis):-

मेनिनजाइटिस, यह एक पतले ऊतक(Tissue) की सूजन है। यह उत्तक हमारे मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी को चारों तरफ़ से  घेरे रखता है। जब किसी चोट की वजह से इस उत्तक पर सूजन आ जाती हैं तो इसे meningitis कहते हैं।

इसमें गर्दन दर्द तो रहता ही हैं। इसके अलावा और भी कई गंभीर स्थितियां पैदा हो जाती हैं जैसे:-

गर्दन में अकड़न और दर्द

सरदर्द

जी मिचलाना

उल्टी

प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता

बुखार

मेनिनजाइटिस एक मेडिकल इमरजेंसी है और यह घातक हो सकता है।

इसमें तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिये।

धन्यवाद

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